Tuesday, June 5, 2018

Stocks in focus on June 6, 2018

Mixed global cues and Nifty futures on the Singapore Stock Exchange (SGX) signalled a negative opening for the domestic stocks on Wednesday. At 08:11 am, the Nifty futures on SGX traded 12 points or 0.11 per cent lower at 10,595. 

Here is a list of stocks that are likely to be in focus in today's trading session:

IDBI Bank: The government is reviewing the planned strategic sale in IDBI BankNSE -0.34 %. The bank may issue fresh preferential shares, allowing multiple investors to participate, rather than seek to push through strategic sale to a single entity. 

McLeodNSE -1.08 % Russel: The company has decided to sell eight tea estates in Assam to MK Shah Exports for Rs 331 crore as part of a plan to pare debt and enter the packet tea business. McLeod Russel signed a memorandum of understanding with MK Shah Exports on Tuesday to carry out due diligence before the deal is clinched. 

CG Power & Industrial Solutions (erstwhile Crompton GreavesNSE 2.52 %) : The company has bagged an order from the Indian Railways valued at Rs 319 crore to supply Under Slung Electrics for Diesel Electric Tower Car (DETC). 

Glenmark Pharma: According to a media report the drug maker has received five observations from USFDA for its Pithampur facility. 

Grasim Industries: The copmpany said that a strike by workers of Jaya Shree Textiles -- a division of the company at Rishra, Hooghly, West Bengal, from June 4 is still continuing but will not have any material impact on the company's overall business . 

Hindustan Unilever: Hindustan Unilever has decided to combine its foods and refreshments business into a single division effective July in an effort to increase agility, in line with the global category structure of Anglo-Dutch parent Unilever. 

L&T technologies: L&T Technology Services Limited announced new Smart City, Campus & Building Solutions integrations with Microsoft Dynamics 365 for Field Service for its enterprise customers. 

Tata Motors: Tata MotorsNSE 0.82 % in a presentation to investors on Tuesday said it is working on close to a dozen electric and hybrid vehicle solutions in the commercial vehicle space and is simultaneously moving towards a dedicated electric vehicle platform in the passenger vehicle front. 

Indiabulls Housing Finance: Indiabulls Housing Finance has on 05 June 2018 allotted its sixteenth tranche of Secured, Redeemable, Non-Convertible Debentures of face value Rs. 10 lakh each ('NCDs') aggregating to Rs. 145 crore on private placement basis. 

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सेबी के एक्शन के बाद मिडकैप में बढ़ेगी गिरावट, फेयर वैल्युएशन का इंतजार करें निवेशक

स्टॉक एक्सचेंज बीएसई ने 109 कंपनियों को एडिशनल सर्विलांस मीजर की लिस्ट में डाल दिया है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने भी 109 कंपनियों पर सर्विलांस बढ़ा दिया है। ऐसा मिडकैप कंपनियों में सट्टेबाजी बढ़ने के डर से किया गया है। सेबी के इस कदम के बाद से मिडकैप इंडेक्स में मंगलवार को करीब 200 अंकों की गिरावट दिखी। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेबी का यह फैसला तो सही है, लेकिन गलत समय पर लिया गया है। पहले से ही दबाव में चल रहे मिडकैप इंडेक्स में गिरावट बड़ी होने का डर है। फिलहाल निवेशकों को अच्छे मिडकैप शेयरों का वैल्युएशन फेसर होने का इंतजार करना चाहिए।

अब कैसे होगी इन कंपनियों में ट्रेडिंग  
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि मार्केट रेग्‍युलेटर सेबी की ओर से जारी नए नियमों के अनुसार, अब निवेशक इन 109 कंपनियों के स्‍टॉक में ट्रेडिंग के लिए जितनी मार्जिन मनी देंगे, उतनी ही वैल्‍यू के सौदे की खरीद-बिक्री कर सकते हैं। पहले निवेशकों को मार्जिन मनी का 10 गुना ज्‍यादा तक खरीद-बिक्री की अनुमति थी। जैसेकि, नए नियमों के अनुसार, यदि आपने शेयर ट्रेडिंग के लिए एक लाख रुपए मार्जिन मनी जमा किया है तो अब 50 हजार रुपए की खरीद और 50 हजार रुपए की बिक्री कर सकेंगे। पहले यह लिमिट मार्जिन मनी का 10 गुना थी। यानी आप महज 1 लाख रुपए देकर 5-5 लाख रुपए के शेयर खरीद-बेच सकते थे। 

उनका कहना है कि पुराने नियमों के चलते बाजार में सट्टेबाजी ज्‍यादा हो रही थी। जिसके चतले कई छोटी कंपनियों के स्‍टॉक मल्‍टीबैगर बन गए थे। इससे खासतौर से मिडकैप और स्मालकैप में बड़ा रिस्क बन गया था। मिडकैप सेग्मेंट में लगातार खरीददारी की वजह से कई शेयरों की कीमत बढ़ रही थी। शेयर का वैल्युएशन की मैचिंग उसके परफॉर्मेंस से नहीं हो रही थी, जिससे इनमें बड़ा रिस्क बनता जा रहा था। 

फैसला लेने का समय गलत
ट्रेड स्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन का कहना है कि रेग्युलेटर का फैसला लॉंग टर्म में निवेशकों के हित के लिहाज से सही है, लेकिन इसे लेने में समय गलत चुना गया। रेग्युलेटर को यह फैसला तब लेना चाहिए था, जब इस सेग्मेंट में शेयर तेजी से भाग रहे थे। 9 जनवरी को मिडकैप में ऑलटाइम हाई के बाद देखें तो इंडेक्स 15 फीसदी तक करेक्ट हो चुका है। कई अच्दे शेयरों में अच्छी गिरावट आ चुकी है। ऐसे समय में इस फैसले से मिडकैप और स्मालकैप में अभी गिरावट और बढ़ेगी। 

इंडेक्स में आई थी 47 फीसदी तेजी 
2017 में अच्छी तेजी दर्ज करने के बाद मिडकैप शेयरों का वैल्युएशन बहुत ज्यादा हो गया था। इस साल 9 जनवरी को बीएसई मिडकैप इंडेक्स 18321 के लेवल पर पहुंचा जो ऑलटाइम हाई है। वहीं, 10 जनवरी 2017 को यह इंडेक्स 12448 के लेवल पर था। यानी एक साल में इंडेक्स में 47 फीसदी तेजी आई थी। इस दौरान कई मिडकैप शेयर महंगे हो गए। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार इस तरह की ज्यादातर कंपनियां अपनी वैल्यूएशन के साथ इंसाफ नहीं कर पा रही है और महंगी लग रही हैं। जिसकी वजह से उनमें दबाव है। पिछले दिनों इसी वजह से मिडकैप में बिकवाली भी बढ़ी है। 

ये फैक्टर भी डाल रहे हैं असर 
इसके अलावा क्रूड की ऊंची कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में ग्रोथ, रुपए में कमजोरी और पॉलिटिकल अनसर्टेनिटी की वजह से मार्केट सेंटीमेंट कमजोर हुआ है उसका असर भी मिडकैप शेयरों पर दिख रहा है। पिछले कई महीनों से घरेलू निवेशक खरीददार रहे हैं, लेकिन सर्विलांस बढ़ाए जाने से वे बिकवारली कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो खासतौर से मिडकैप और स्मालकैप पर ज्यादा असर होगा। 

क्या करें निवेशक
मार्केट के जानकार कहते हैं कि सेबी की सख्‍ती निवेशकों के लिए बेहतर है और इससे अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में ज्यादा चिंता करने वाली बात नहीं है। निवेशकों को मिडकैप में अभी इंतजार करना चाहिए। बहुत से शेयर अभी भी हाई वैल्युएशन पर हैं। ऐसे में गिरावट के बाद फेयर वैल्युएशन का इंतजार करना चाहिए। अच्छे फंडामेंटल वाले शेयर अगर फेयर वैल्युएशन पर आते हैं तो उनमें खरीद का फिर मौका बनेगा। 

किन कंपनियों को लिस्‍ट में डाला गया
जिन कंपनियों को एडिशनल सर्विलांस मीजर के तहत लिस्ट में डाला गया, उनमें रिलायंस नवल एंड इंजीनियरिंग, एमअेक ऑटो, जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, एचईजी लिमिटेड, बांबे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, दिलीप बिल्डकॉन, जीटीएल इंफ्रा, इंडियाबुल्स वेंचर्स, जेपी इंफ्राटेक, रेडियो खेतान और रेन इंडस्ट्रीज सहित 109 कंपनियां शामिल हैं। 

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Monday, June 4, 2018

BSE Smallcap plunges over 2%; Thirumalai Chemicals among top losers

The BSE Smallcap index was trading 2.16 per cent down at 16,265 around 11:05 am on Tuesday. The BSE Sensex was 0.42 per cent down at 34,865 and Nifty50 was 0.52 per cent down at 10,573 around the same time. 

Fiberweb (India) (down 19.97 per cent) and Thirumalai ChemicalsNSE -12.21 % (down 15.68 per cent) were the top losers in the smallcap index. 

Ujaas Energy, Shree Pushkar Chemicals & Fertilisers, Avanti FeedsNSE -9.04 %, Surya Roshni, Fedders Electric and Engineering and KEI IndustriesNSE -10.44 % plunged up to 13 per cent in the smallcap index. 

However, Sakthi SugarsNSE 5.30 % (up 5.67 per cent), Madhucon Projects (up 5.14 per cent), Electrosteel Steels (up 4.63 per cent), S P Apparels (up 3.67 per cent) and Balrampur Chini MillsNSE 3.65 % (up 3.43 per cent) were among the top gainers in the index around the same time. 

Equity markets were in the negative zone on selling across sectors. 

Investors were holding their bets as the RBI's Monetary Policy Committee began its three-day meeting yesterday amid speculation that it may hike the key interest rate for the first time in over four years on account of firming inflation. 

Among the 50 stocks in the Nifty index, 9 were trading in the green, while 41 were in the red. 

In the Sensex kitty, 8 stocks were up, while 23 were down. 

Power Grid and Bharti AirtelNSE -2.50 % declined nearly 3 per cent in the Sensex index.

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19 दिन में 6% टूटा क्रूड, इन 3 वजहों से आ सकती है और बड़ी गिरावट

मई में 80 डॉलर प्रति बैरल का लेवल पार करने के बाद क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 6 फीसदी से ज्यादा गिरी हैं, जिसमें आगे और भी गिरावट आने का अनुमान है। कमोडिटी एक्सपर्ट कहना है कि 22 जून को ओपेक देश और रूस क्रूड का प्रोडक्शन बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। ऐसा होने पर क्रूड में बड़ी गिरावट आ सकती है और यह 60 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है। 

6% से ज्यादा टूटे क्रूड के दाम
इंटरनेशनल मार्केट में पिछले एक महीने में क्रूड 80.50 डॉलर प्रति बैरल से फिसलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। 17 मई 2018 को क्रूड नवंबर 2014 के बाद पहली बार 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया था। लेकिन ओपेक देशों और रूस द्वारा क्रूड प्रोडक्शन बढ़ाए जाने के संकेत से कीमतों में गिरावट आई है। तब से अब तक इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड हाई लेवल से 6.38 फीसदी गिरकर 75.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।

इन वजहों से आई थी क्रूड में तेजी
नवंबर 2014 के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड का दाम इंटरनेशनल मार्केट में 80 डॉलर के पार निकला था। क्रूड के दाम बढ़ने के पीछे ओपेक और रूस द्वारा प्रोडक्शन में कटौती, ईरान पर अमेरिका की तरफ से प्रतिबंध के बाद सप्लाई घटने का डर आदि वजह थीं। ईरान क्रूड का तीसरा सबसे बड़ा उत्‍पादक देश है। इसके अलावा वेनेजुएला से क्रूड ऑयल की आपूर्ति में कमी आना भी इसकी वजह थी।

क्यों गिरेंगी क्रूड की कीमतें-
# प्रोडक्शन बढ़ाने के संकेत
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि क्रूड प्रोडक्शन को लेकर 22 जून को ओपेक औऱ नॉन-ओपेक देशों की बैठक है। वेनेजुएला और ईरान की ओर से क्रूड सप्लाई में कमी की भरपाई के लिए ये देश प्रोडक्शन बढ़ा सकते हैं। इसके लिए प्रोडक्शन में कमी के लिए की गई डील में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
इससे पहले मार्केट में क्रूड की सप्लाई ज्यादा घटने के डर से ओपेक और रूस ने रोजाना 10 बैरल प्रोडक्शन बढ़ाए जाने का संकेत दिए थे। अब इसका असर भी क्रूड की कीमतों पर देखा जा रहा है।

# अमेरिका में क्रूड प्रोडक्शन हाई पर
एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा कि अमेरिका में क्रूड प्रोडक्शन नए हाई पर पहुंच गया है और वहीं अमेरिका ने क्रूड प्रोडक्शन में कटौती नहीं करने का भी ऐलान किया है। मार्च में अमेरिका में क्रूड प्रोडक्शन 10.47 मिलियन बैरल प्रति दिन पहुंच गया है। वहीं अमेरिका में 1 जून को दो और रिग्स बढ़े हैं, जिससे ऑयल रिग्स की कुल संख्या बढ़कर 861 हो गई है।

#अच्छे नहीं रहे चीन के जीडीपी के आंकड़े
भारत और चीन क्रूड के सबसे बड़े कंज्यूमर हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन के जीडीपी के आंकड़े अच्छे नहीं रहे हैं। इसका मतलब है कि विकास की रफ्तार धीमी हुई है। ऐसे में क्रूड की डिमांड में कमी आएगी। चीन की तरफ से डिमांड कम होने से मार्केट में क्रूड की सप्लाई बढ़ जाएगी, जिसका असर क्रूड की कीमतों पर देखने को मिलेगा।

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Top Stocks in focus today: Idea, RCom, SBI, Vedanta, Biocon, Quess Corp, Lupin

Biocon and Mylan's Biosimilar Pegfilgrastim received US FDA approval.

Idea Cellular gets approval from DoT to increase FDI limit from 67.5% to 100%.

A penalty of Rs7cr has been imposed on SBI under FEMA 1999.

Maruti Suzuki’s total production up 22% to 1.84 lakh units in May.

RCom won’t pay interest on NCD to JLF until restructuring process ends.

Vedanta will add 1.5 MTPA of iron ore production with potential up to 2.5MTPA to its capacity after ESL acquisition. Vedanta pays Rs5,300cr for acquisition.

Bank of India files application with NCLT for initiation of corporate insolvency resolution process against Haitan Electricals.

Quess Corp approve acquisition of additional 8% equity in Simpliance Technologies.

Sudarshan Chemicals divests its plastic masterbatch business- Prescient Color Ltd. and plans to invest Rs1000cr over next 5 years.

Sunteck Realty increases its investment limits by RPFI/FII from 24% to 49%.

GE Shipping gets contract to sell its Bulk Carrier of 52,200 deadweight tonnage.

Lupin receives US FDA approval for Nystatin and Triamcinolone Acetonide Cream USP, used in the treatment of cutaneous candidiasis. Has market size of $62.2 million annually.

Multiple investors will meet the Indian Hotels' management in an investors' conference on June 5.

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Nifty hovers around 10,650 mark; HDFC Bank, Indiabulls HF stocks fall

Equity benchmark indices extended losses, with the Nifty breaking 10,650 levels due to further correction in banks. Nifty Bank index dropped 400 points as HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank and SBI are top contributors to the index fall.

MK Jain has been appointed as RBI Deputy Governor for three years. He is currently the Managing Director and CEO of IDBI Bank.

All sectoral sub-indices were in the red with bank and financial services stocks bleeding the most.

The Reserve Bank of India will commence its 3-day Monetary Policy Committee meet today to decide the key policy rate.

BSE Sensex at 35,036 was down by 190 points, while NSE Nifty at 10,631 was lower by 65 points.

SSWL stock rose 2% after it has bagged an export order from US truck and trailer aftermarket for supply of approximately 9,500 truck wheels, which will be shipped from its Chennai plant later this month, the company said in an exchange filing.

BSE Midcap is trading lower by 0.44% and BSE Smallcap slipped by 1.45%, respectively.

Dr. Reddy's stock gained over 3% after Srikakulam plant was cleared by the US health regulator.

Dr. Reddy’s (+3.2%), Yes Bank (+2%), M&M (+1.3%), Lupin (+1.3%) and Tata Steel (+1.2%) were the top gainers.

Indiabulls HF (-2.3%), GAIL (-2.1%), Asian Paints (-2%), Bharti Airtel (-1.9%) and Infratel (-1.7%) were the top losers.

Out of 2,066 stocks traded on the NSE, 333 advanced, 1,360 declined and 373 remained unchanged today.

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Sunday, June 3, 2018

बाजार ने गंवाई पूरी बढ़त, सेंसेक्स 25 अंक टूटा, निफ्टी 10700 के नीचे फिसला, बैंकिंग शेयर लुढ़के

तेज शुरुआत के बाद बाजार में ऊपरी स्तरों से गिरावट हावी हो गई है। हैवीवेट शेयरों एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, एचयूएल, ओएनजीसी, एचडीएफसी, आईटीसी और मारुति में कमजोरी से सेंसेक्स ने पूरी बढ़त गंवा दी है। वहीं निफ्टी 10700 के करीब आ गया है। बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स ऊपरी से 378 प्वाइंट्स गिर गया है, जबकि निफ्टी ऊपर से 80 अंक टूटा है। एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरे हैं। सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग, रियल्टी और एफएमसीजी शेयरों में आई है।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयर लुढ़के
शुरुआती तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव देखने को मिल रहा है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स सपाट कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.07 फीसदी टूट गया है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.37 फीसदी की गिरावट आई है।

बैंक, रियल्टी इंडेक्स गिरे, मेटल-फार्मा में बढ़त

कारोबार के दौरान सेक्टोरल इंडेक्स में एनएसई पर बैंक और रियल्टी इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। बैंक निफ्टी 0.22 फीसदी टूटकर 26,632.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.77 फीसदी और फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.26 फीसदी की गिरावट आई है। पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.16 फीसदी गिरा है।

हालांकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.22 फीसदी, मेटल इंडेक्स 0.45 फीसदी और फार्मा इंडेक्स 0.78 फीसदी बढ़ा है।

RBI के फैसले पर बाजार की नजर
मॉनिटरी पॉलिसी को लेकर आरबीआई की 3 दिनों तक चलने वाली मीटिंग 4 जून से शुरू हो रही है। जानकारों का मानना है कि मीटिंग में बढ़ती महंगाई, क्रूड की बढ़ती कीमतों के अलावा चौथी तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 7.7 फीसदी रहना बड़े फैक्टर होंगे, जिनपर 6 सदस्यों वाली मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की नजर होगी। कुछ रिपोर्ट इशारा करती हैं कि इस बार आरबीआई ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला ले सकता है, वहीं कुछ रिपोर्ट के अनुसार ब्याज दरें बढ़ाने के लिए सेंट्रल बैंक अभी कुछ और इंतजार कर सकता है। 

ग्लोबल ट्रेड वार बढ़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपियन यूनियन और कनाडा समेत अन्य देशों पर स्टील और एल्युमीनियम प्रोडक्ट पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। यूरोपियन यूनियन ने जवाबी कार्रवाई में ट्रम्प प्रशासन के फैसले को वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) में चुनौती दी है। कनाडा भी अमेरिका के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में चला गया है। इससे ग्लोबल स्तर पर ट्रेड वार की शुरुआत हो गई है जिसका असर शेयर बाजार पर पड़ेगा।

क्रूड प्राइस पर नजर
मई में ब्रेंट क्रूड 80.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि फिलहाल इसमें 4.6 फीसदी का करेक्शन हो चुका है औऱ ब्रेंट क्रूड का भाव 76.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने का ऑयल इम्पोर्टिंग इकोनॉमी पर असर पड़ता है। भारत क्रूड का बड़ा इम्पोर्टर है, ऐसे में करंट अकाउंट डेफिसिट, फिस्कल डेफिसिट, इम्पोर्टेड इंफ्लेशन पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा जो इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए हेडविंड बन सकता है। 

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आज इन शेयर में कमाई का है मौका, ऐसे उठाएं फायदा

शुक्रवार को इंट्रा-डे कारोबार के लिए मार्केट एक्सपर्ट ने DCB बैंक, हीरो मोटोकॉर्प,  Asianpaints और ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस में ख...